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SHARDA का फुल फॉर्म व उसका मतलब क्या है आउट ऑफ बच्चो से क्या तात्पर्य है

SHARDA का फुल फॉर्म व उसका मतलब क्या है आउट ऑफ बच्चो से क्या तात्पर्य है 


निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अन्तर्गत 06-14 आयु वर्ग के समस्त
बालक-बालिकाओं को निःशल्क प्रारम्भिक शिक्षा उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान है। अधिनियम के अन्तर्गत यह भी
अपेक्षा की गयी है कि 06-14 आयु वर्ग के ऐसे बच्चे जिन्हें किसी विद्यालय में नामांकित नहीं किया गया है अथवा
नामांकन के उपरान्त वे अपनी प्रारम्भिक शिक्षा पूर्ण नहीं कर सके हैं उनका चिह्नीकरण करते हुए उनका नामांकन
आयुसंगत कक्षा में कराया जाये और अन्य विद्यार्थियों के समकक्ष लाने हेतु उन बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देने की
व्यवस्था की जाये। अधिनियम के उक्त प्रावधान को प्रभावी रूप में क्रियान्वित करने हेतु समय-समय पर शासनदेशों के
माध्यम से जिलाधिकारी के निर्देशन में कार्यक्रम 'शारदा' (SHARDA-स्कूल हर दिन आयें) संचालित किए जाने के
निर्देश दिए गए हैं।
शैक्षिक सत्र 2021-22 में कार्यक्रम 'शारदा' के संचालन के बन्ध में निर्देश निम्नलिखित हैं.


 लक्षित समूह 

SHARDA FULL FORM= SCHOOL HAR DIN AAYE 

'शारदा' (SHARDA स्कूल हर दिन आयें) के अन्तर्गत जनपद में 5' से 14 आयुवर्ग के समस्त आउट ऑफ स्कूल
बच्चे लक्षित समूह हैं। आउट ऑफ स्कूल बच्चे 02 श्रेणी के हो सकते हैं:

1.ऐसे बच्चे जिनका विद्यालय में कभी भी नामांकन नहीं किया गया हो।
2. ऐसे बच्चे जिनका विद्यालय में पूर्व में नामांकन हुआ था किन्तु किन्हीं कारणवश अपनी शिक्षा पूरी किये
बिना विद्यालय छोड़ गये अर्थात ड्राप आउट हो गये।
ड्राप आउट बच्चों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया को सुस्पष्ट करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा आउट ऑफ स्कूल बच्चों
का निम्नवत परिभाषित किया गया है:- "06 से 14 वर्ष की आयु का कोई बालक बिना विद्यालय का माना जायेगा. यदि
वह किसी प्राणम्भक विद्यालय में कभी नामांकित न किया गया हो/की गयी हो अथवा यदि नामांकन के पात्
अनुपस्थित होने के कारणों की पूर्व सूचना के बिना विद्यालय से निरन्तर 45 दिन या उससे अधिक अवधि में अनुपस्थित रही हो


अभिभावकों को प्रेरित करने हेतु संवेदीकरण (Triggering )



आउट ऑफ़ स्कूल बच्चों के चिह्नांकन हेतु एस.एम्.सी. सदस्यों एवं अध्यापकों द्वारा मोहल्ला बैठकों का आयोजन
किया जायेगा। जिनमें नेहरू युवा केंद्र/एन.एस.एस./स्काउट गाइड के कार्यकर्ताओं का भी यथासंभव सहयोग लिया
जायेगा। मोहल्ला बैठकों में निम्न बिन्दुओं पर शिक्षा के महत्व के संबंध में चर्चा की जायेगी तथा समुदाय को प्रेरित
किया जाएगा
  1.  सभी बच्चों को स्कूल में पढ़ाना क्यों जरूरी है?
  2. सभी बच्चों को रोज स्कूल भेजना क्यों जरूरी है?
  3. बच्चों के स्कूल न जाने से क्या-क्या नुकसान है?
  4. क्या स्कूल में जो सिखाया जाता है, वह बाहर भी सीख सकते है?
  5. क्या बिना पढ़े-लिखे कोई अच्छा इन्सान/ अधिकारी बन सकता है?
  6. पढ़े-लिखे बच्चे और बिना पढ़े-लिखे बच्चे में क्या-क्या अंतर होता है?


क्या आपको पता है, 5' से 14 वर्ष का बच्चा पढ़ाई बीच में छोड़ चुका है तो क्या वह फिर से स्कूल में पढ़ने जा
सकता है?
आपके मोहल्ले से कितने बच्चे स्कूल में पढ़ने जाते है?
आपके मोहल्ले से 5 से 14 वर्ष के कितने बच्चे स्कूल में पढ़ने नहीं जाते है ?

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